उत्तरकाशी : डाक्टर! तू मुझे लाइन मे खड़ा कराएगा ? जीना मुस्किल कर दूंगा – डॉ सूबेग सिंह ने दिया इस्तीफा

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जिला अस्पताल उत्तरकाशी मे आम मरीजो की लाइन मे खड़ा करने से गुस्साये पीडी ने डाक्टर के साथ अभद्रता की और फोन पर जन से मारने की धमकी दे डाली | मरीजो के भीड़ के सामने अपनी बेइज्जती से दुखी डाक्टर मे एफ़आईआर करने की बजाय खुद का इस्तीफा डीजी हेल्थ को भेज दिया है |

जिला चिकित्सालय उत्तरकाशी में तैनात फिजीसीयन डॉ0 सुवेग सिंह के साथ परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण उत्तरकाशी (PD) संजय कुमार द्वारा अभद्रता एवं धमकी दिए जाने पर डॉ0 सुवेग सिंह ने प्रमुख अधीक्षक को अपना सौंपा इस्तीफा सौंप दिया है |

पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण ने  जिलाधिकारी उत्तरकाशी को पत्र लिखकर कोरोना काल मे जनपद में उत्कृष्ट सेवा दे रहे डॉक्टर के साथ जिले के एक जिम्मेदार अधिकारी द्वारा की गयी अभद्रता पर कार्यवाही की मांग की गयी है ।

उत्तरकाशी जिला अस्पताल मे तैनात डा सूबेग सिंह ने बताया कि मामला 15 जुलाई का है जब वे हमेसा कि तरह ओपीडी मे मरीज देख रहे थे,  इतने मे एक व्यक्ति ने परियोजना निदेशक जिला ग्राम्य विकास अभिकरण उत्तरकाशी (PD) संजय कुमार के मौके पर खुद के चेक अप के लिए आने कि सूचना दी, उन्होने 10 मिनट बाद आने को कहा क्यूंकी  उस वक्त करीब 40 मरीज अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे | वे खुद एक गंभीर मरीज को देख रहे थे उसे देखने के बाद उन्होने  पीडी साहब को बुलाने के लिया कहा|  आरोप है कि अनुचर ने न जाने पीडी से ऐसा  क्या कहा कि चेम्बर मे आते ही वे – “तू मुझे लाइन मे खड़ा करेगा मै  तुझे देख लूँगा” गाली गलोज करने लगे |  अपने मरीजो के सामने ऐसे तू तड़ाक  सुनकर डाक्टर को बुरा महसूस हुआ |  आरोप है कि बाद मे फोन पर उनका विडियो बनाकर जीना मुसकिल कर देने की भी  धमकी दी गयी |  घटना से डाक्टर इतने आहत हुए कि  अपना इस्तीफा डीजी हेल्थ को  भेज दिया | डॉ सूबेग ने  कहा कि फिलहाल वे अपने भर्ती गंभीर मरीजो को ही देख रहे है किन्तु ओपीडी का बहिस्कार कर रहे है|  उन्होने कहा कि वे खुद भी एक अधिकारी के पद पर है और उनके मरीजो के सामने उनकी बेइज्जती की गयी है जिससे उनको दुख हुआ है|  हालांकि उन्होने इस घटना कि कोई एफ़आईआर नहीं कराई है ,  उन्होने कहा कि पीडी साहब को अपनी गलती का अहसास होना चाहिए हालांकि वे उम्र और पद मे बड़े व्यक्ति के खिलाफ न तो कोई मामला दर्ज कर रहे है और न ही उन्हे डीफेम  करना चाहते है,  पर इंसान होने के नाते उन्हे जो ठेस लगी है उससे वे कैसे सम्झौता कर सकते है ? 

उन्होने बताया कि  उक्त  अधिकारी का ऐसा  ही एक  मामला 20 मार्च को  करीब जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ सुरेन्द्र सकलानी के साथ हो चुका  है |तब भी कोई कार्यवाही नहीं हुई तो इस तरह मे मामलो की पुनरावृत्ति होने लगी है |

इस मामले पर उत्तरकाशी मे तैनात पीडी संजय कुमार ने बताया कि वे गंभीर बीमारी से पीड़ित है और  उनका लंबे समय से डॉ सूबेग सिंह से ही इलाज  चल रहा है वे निश्चित तौर पर अच्छे डाक्टर है इसलिए ही  वे उनसे अपना इलाज करवा रहे थे | इस दौरान सीएस की  विडियो कोन्फ्रेंस और प्रभारी मंत्री के दौरे मे काम का प्रेशर और जल्दबाजी मे वे अपनी सेहत का ढंग से खयाल नहीं रख सके और अपनी अल्ट्रा साउंड और ब्लड रिपोर्ट डाक्टर को समय पर नहीं दिखा सके थे|  उन्हे पेशाब मे ब्लड आने की शिकायत  थी,  डाक्टर से उनके अच्छे संबंध थे और अक्सर वे व्हाट्सप पर भी डाक्टर से सलाह ले लिया करते थे | उस दिन तबीयत ज्यादा बिगड़ गयी थी और प्रभारी मंत्री की बैठक  की तैयारी का काम का प्रेशर भी था,  लिहाजा मौके पर काम की अधिकता के चलते आवेश मे आकार वे कुछ कह गए जिसका उन्हे बाद मे अहसास हुआ | उन्होने बताया की डीएम उत्तरकाशी मयूर दीक्षित की मध्यस्तता मे डाक्टर से बातचीत हो गयी है |  हालांकि डीएम उत्तरकाशी ने वार्ता न होने कारण इसी पुष्टि नहीं हो सकी  

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