उत्तरकाशी : कड़कती बिजली और आसमान से बरसती आफत के बीच मौत से हार गई ज़िंदगी

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मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बीच उत्तरकाशी जिला मुख्यालय के आसपास बारिश ने  जमकर तांडव मचाया । रविवार की रात निरकोट और कंकराणी क्षेत्र में बादल फटने की सूचना मिलते ही आपदा तंत्र हरकत मे आया । निराकोट क्षेत्र से पनि के साथ मलवा  मांडो गांव तक  पहुंचा, जहां तीन जिंदगियां दफन हो गईं। एसडीआरएफ और पुलिस की खोज बचाव टीम ने सोमवार तड़के उनके शव बरामद किए हैं। वहीं, कंकराड़ी में एक व्यक्ति के लापता होने की सूचना है। फिलहाल, जिले में राहत-बचाव कार्य जारी है। 

    ग्राम मांडों में 02 महिला व  01 बच्चे का शव बरामद किया गया हैं। शवो को जिला अस्पताल में लाया गया हैं।

1- माधरी पत्नी श्री देवानन्द, उम्र 42 वर्ष, ग्राम माण्डो।

2- रीतू पत्नी श्री दीपक, उम्र 38 वर्ष, ग्राम माण्डो।

3- कुमारी ईशू पुत्री दीपक, उम्र 06 वर्ष, ग्राम माण्डो।

रात के सामी ही एंबुलेंस और पुलिस के सारण की आवाज से लोग सहम गए बारिश लगातार हो रही थी ऐसे मे उत्तरकाशी के आपदा प्रभावित इलाको मे स्थानीय लोगों के लिए बीती रात भारी गुजरी वही राहत बचाव मे भी डिककटे आयी । दो जगहों पर बादल फटने से जान-माल का नुकसान हुआ। बादल फटने के बाद मांडो गांव की तरफ बढ़ रहे आसमानी आफत  से बचने के लिए घर से बाहर भागती समय 6  वर्षीय बच्ची समेत एक परिवार के तीन लोग मलबे की चपेट में आ गए। मलबे में दबने से माधुरी पत्नी देवानन्द, उम्र 42 वर्ष, रीतू पत्नी दीपक, उम्र 38 वर्ष, ईशू पुत्री दीपक, उम्र 6  वर्ष की मौत हो गई।

सूचना के बाद एक्टिव हुए आपदा तत्र के निर्णने तत्काल कंकराड़ी क्षेत्र में एनडीआरएफ को मोर्चे पर भेजा । कंकराड़ी के  आसपास क्षेत्र में दो मकान ध्वस्त होने और एक व्यक्ति के लापता चलने की सूचना मिली है। एनडीआरएफ की टीम रविवार की रात करीब एक बजे कंकराड़ी क्षेत्र में पहुंच गई थी, लेकिन रात में तेज बारिश के बीच पहाड़ी ग्रामीण क्षेत्र में खोज-बचाव कार्य करने में खासी दिक्कतों  का सामना करना पड़ा।

कंकराड़ी, मुस्टिकसौड़, मानपुर क्षेत्र और उत्तरकाशी मुख्य बाजार के इलाके  में रविवार की रात से बिजली आपूर्ति ठप है। इसके साथ ही संचार सेवा भी ठप पड़ी हुई है। गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग नेताला, सुनगर, रतूड़ी सेरा सहित कई स्थानों पर बधित है, जबकि यमुनोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग डाबरकोट, धरासू बैंड, कुथनौर के पास भूस्खलन होने से बाधित है। जनपद में 40 से अधिक गांवों में बिजली आपूर्ति ठप है। 100 से अधिक गांवों को जोड़ने वाले 20 से अधिक संपर्क मार्ग कट गए हैं। सोमवार सुबह को बारिश कुछ हल्की हुई है । उत्तरकाशी नगर पालिका  क्षेत्र के कालेश्वर मार्ग की कलेश्वर मंदिर मार्ग कालोनी  में कई घरों में पानी भर गया है । जिससे हर वर्ष की भांति घर के सामान को खासा नुकसान पहुंचा है।

तहसील डुंड़ा के बागी गांव की आपदा प्रभावित बस्ती चरगडी में निर्माणधीन कुमारकोट सड़क के अनियोजीत निर्माण कार्य से बद्री प्रसाद सेमवाल, संदीप सेमवाल, रामलाल सेमवाल, संतोषी देवी के मकान खतरे की जद में आ गए हैं। धौंतरी कमद और कमद कुमारकोट सड़क का पानी घरों और खेतों की ओर कटाव कर रहा है। स्थानीय निवासी द्वारिका सेमवाल ने डुंडा के एसडीएम आकाश जोशी को घटना की जानकारी देते हुए, उचित कार्यवाही की मांग की है।

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