चम्पावत डीएम की सीएम DHAMI के क्यों की मंच से तारीफ : 💰 170.15 करोड़ की विकास सौगात

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🔴 चम्पावत में विकास और आस्था का संगम! मुख्यमंत्री ने रणकोची धाम से किया जनता से संवाद, सौगातों की बरसात


चम्पावत।
जनपद चम्पावत में मंगलवार को आस्था, संस्कृति और विकास का अद्भुत संगम देखने को मिला। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने पावन माता रणकोची मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर राज्य की समृद्धि की कामना की और वहीं जनता से सीधे संवाद करते हुए क्षेत्रीय विकास के संकल्प की पुष्टि की।

“चम्पावत केवल भूमि नहीं, यह आस्था और संस्कृति का जीवंत प्रतीक है। हमारी सरकार का मूल मंत्र है—जन-जन की सरकार, जन-जन के द्वार।”
— मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी


💰 170.15 करोड़ की विकास सौगात

मुख्यमंत्री ने जनपद चम्पावत के लिए ₹170.15 करोड़ की विभिन्न परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

  • ₹33.95 करोड़ की 9 परियोजनाओं का लोकार्पण
  • ₹136.20 करोड़ की 11 परियोजनाओं का शिलान्यास

इसमें शामिल हैं:

  • सीम, खेत, चूका और सौराई क्षेत्रों में बाढ़ सुरक्षा कार्य
  • तल्लादेश क्षेत्र के मंदिरों का सौंदर्यीकरण
  • पूर्णागिरि मेला 2026 के लिए ₹2.5 करोड़ की धनराशि
  • मुख्य मार्गों का डामरीकरण
  • जिला चिकित्सालय में क्रिटिकल यूनिट का विस्तार और लिफ्ट
  • नीड में आयुष्मान आरोग्य मंदिर स्थापना
  • चम्पावत में इंटीग्रेटेड सैनिक कॉम्प्लेक्स निर्माण हेतु भूमि उपलब्ध कराना

🎨 संस्कृति और कला का संरक्षण

मुख्यमंत्री ने “मुख्यमंत्री संस्कृति संवर्धन पहल” के तहत चम्पावत के मंदिरों के पुजारियों को कला, परंपरा और पहचान किट वितरित की।
किट में वाद्य यंत्र, धार्मिक पुस्तकें और पूजा सामग्री शामिल हैं।
इस पहल का उद्देश्य है—नशा मुक्त भारत और नशा मुक्त देवभूमि


👥 जनता से सीधा संवाद

जनसंवाद कार्यक्रम में बड़ी संख्या में जनता और अधिकारियों ने भाग लिया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि न्याय पंचायत स्तर पर चल रहे कार्यक्रमों से जनसमस्याओं का त्वरित समाधान और योजनाओं का लाभ सीधे जनता तक पहुँच रहा है।

“आस्था, संस्कृति और विकास का यह समन्वय चम्पावत को उत्तराखण्ड का आदर्श, सशक्त और आत्मनिर्भर जनपद बनाएगा।”


🌟 जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में विधायक, जिलाध्यक्ष भाजपा, नगर पालिका अध्यक्ष, क्षेत्र पंचायत प्रमुख, अधिकारियों और बड़ी संख्या में ग्रामीणजन उपस्थित थे।


🔔 अंत में संदेश

चम्पावत की भूमि पर आस्था और विकास की यह यात्रा केवल परियोजनाओं या निर्माण कार्यों तक सीमित नहीं, बल्कि यह सांस्कृतिक पुनर्जागरण और जनभागीदारी का प्रतीक है।
मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से संस्कृति संरक्षण, विकास और जनसहभागिता के संकल्प को मजबूत करने का आह्वान किया।

— Meru Raibar News

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