प्रयाग जिले के मेजा तहसील में जर्जर पशु अस्पताल में आजकल गली के कुत्तो का राज चल रहा है। वर्षो पूर्व निर्मित भवन अब जर्जर हो गया है ।
आंकित तिवारी प्रयाग
जिसमे रहना भी खतरे से खाली नही है। जब भवन जर्जर है तो अस्पतालके फ्रीज भी नही है, ऐसे में अस्पताल में आवारा घूम रहे कुत्ते इंसान या उनके बीमार पशुओं को काट ले तो इलाज में उपयोगी रैबीज के इंजेक्शन के लिए यहाँ वहाँ दौड़ लगानी पड़ रही है और अंत मे निजी अस्पताल की सेवा लेने की मजबुरी हो गयी है।
अस्पताल में डॉक्टर तैनात नही है और इलाके के ज्यादातर पशु अस्पताल पशु मित्रो के भरोशे चल रहे है। बीमार पशुओं को अब झोला छाप डॉक्टर औऱ अधिक बीमार कर रहे है।
उत्तरप्रदेश के सीएम योगी द्वारा गाय के लिए जारी किए गए फरमान के बाद खेतों में आवारा पशु फसल नष्ट करने लगे है। हालांकि ग्राम प्रधान द्वारा जमीन उपलब्ध कराए जाने के बाद सरकार गौशाला निर्माण में मदद कर रही है।
सामाजिक कार्यकर्ता लक्ष्मी कांत तिवारी ने आरोप लगाया कि इन गौशाला में भ्रष्टाचार चल रहा है, गाय कज फर्जी आंकड़े दर्ज कराए जा रहे है और जांच के समय आसपास सड़ आवारा पशुओं को गौशाला में बांध कर संख्या पूरी कर ली जाती है।
प्रयाग जिले के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी एस सी शर्मा नद बताया कि जुलाई महीने तक अस्पताल में डॉक्टर की तैनाती हो जाएगी। एन्टी रैबीज इंजेक्शन के लिए उन्होंने बताया कि जिन स्थानों पर फ्रीज उपलब्ध है वहां ये इंजेक्शन रखा जाता है। इसके अलावा गल घोटु जैसे बरसाती सीजनल रोग के लिए पर्याप्त मात्रा में दवा उपलब्ध है। गौशाला में गायों के फर्जी आंकड़ो की शिकायत पर उन्होंने जांच कर कड़ी कार्यवाही का भरोसा दिलाया है।






