आदिवासी वनवासी महासभा के नेताओ पर

Share Now

गुण्डा एक्ट के खिलाफ डीएम से मिला सर्वदलीय प्रतिनिधिमण्ड़ल
आरएसएस-भाजपा के निर्देश पर जारी दमन पर लगे रोक
धंगड़ के जाति प्रमाण पत्र जारी करने का डीएम ने दिया आश्वासन ।

आंकित तिवारी
सोनभद्र,

, आदिवासी वनवासी महासभा के नेता राजेन्द्र प्रसाद गोंड़ और कृपाशंकर पनिका को दी गयी गुण्ड़ा एक्ट की नोटिस के खिलाफ आज जिलाधिकारी से सर्वदलीय प्रतिनिधिमण्ड़ल ने मिलकर इसे वापस लेने की मांग की। साथ ही पूर्व में जारी हो रहे धंगड़ जाति के एससी प्रमाण पत्र पर लगी रोक हटाने के लिए भी डीएम को पत्रक दिया गया। प्रतिनिधिमण्ड़ल में स्वराज इंडिया की राज्य कार्यसमिति सदस्य दिनकर कपूर, कांग्रेस प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य राजेश द्विवेदी, सीपीआई नेता अशोक कुमार कन्नौजिया, राष्ट्रीय लोकदल के जिलाध्यक्ष संतोष पटेल, पूर्व जिला पंचायत सदस्य मुन्ना धांगर, युवा मंच के प्रदेश संयोजक राजेश सचान, धांगर महासभा के जिलाध्यक्ष रामाधार धांगर, स्वराज अभियान के जिला संयोजक कांता कोल, आदिवासी जागरूकता सभा के जितेन्द्र धांगर, हरी प्रसाद तिर्की, बीरबल धांगर, अमरनाथ मौर्य आदि लोग थे।
प्रतिनिधिमण्ड़ल ने डीएम को दिए पत्रक में अवगत कराया कि आरएसएस-भाजपा के निर्देश पर जिले में राजनीतिक सामाजिक कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न किया जा रहा है और इसी राजनीतिक दुर्भावना से आदिवासी वनवासी महासभा के नेताओं को नोटिस दी गयी है। यह नेतागण दसियों साल से प्रतिबद्ध राजनीतिक कार्यकर्ता रहे है और आरएसएस की कारपोरेट राजनीति के खिलाफ इनका संघर्ष रहा है। इनको दी गयी गुण्डा एक्ट की नोटिसें पूरी तौर पर विधि के प्रतिकूल है और लोकतंत्र के लिए अशुभ है। इसलिए इन्हें वापस लिया जाना चाहिए। डीएम को यह भी अवगत कराया गया कि हाईकोर्ट के आदेश के बावजूद भी मूलतः इसी जनपद में रहने वाली धंगड़ जाति को एससी का भी प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। जबकि पूर्व में इन्हें एससी का प्रमाण पत्र जारी होता रहा है। डीएम ने गुण्ड़ा एक्ट के मामले को एडीएम को अग्रसारित करने, धंगड़ के नाम से धांगर जाति का एससी प्रमाण पत्र जारी करने का आश्वासन प्रतिनिधिमण्ड़ल को दिया।

error: Content is protected !!