सेना के हेलीकाप्टर के बाद अब जंगल की आग बुझाने में NDRF का उपयोग

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टिहरी

अनियंत्रित होती वन अग्नि और सीमित वन कर्मियों कि संख्या के बीच सेना के हेलीकाप्टर के आग बुझाने के महंगे खर्चे के बाद अब अगले ट्रायल के रूप में NDRF कि एक टुकड़ी को टिहरी वन प्रभाग के पास वनों कि आग को नियंत्रित करने के लिए भेजा गया है | अब तक प्राकृतिक  आपदा और हादसों के अपनी ड्यूटी को अंजाम देने वाली NDRF को वन में लगने वाली आग और इसे बुझाने के वैज्ञानिक तरीके समझाने के बाद भविष्य में इस टीम को वन कि आग को काबू में करने के लिए उपयोग में लाया जा सकेगा | फारेस्ट के अधिकारियो ने टीम कि ट्रेनिंग के बाद डेमो भी सुरु कर दिया है

 जिले में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए भटिंडा से एनडीआरएफ की टीम टिहरी पहुंच गई है| 28 सदस्यीय दल ने फारेस्ट टीम के साथ नई टिहरी – चंबा रोड पर भुनाभागी के जंगल में ऑपरेशन फायर को लेकर ट्रायल किया| इस मौके पर फारेस्ट के अधिकारियों द्वारा एनडीआरएफ की टीम को पहाड़ों में जंगलों में आग बुझाने और कंट्रोल बर्निंग के बारे में बताया गया| डीएफओ का कहना है कि एनडीआरएफ की टीम के साथ कुछ दिन तक ट्रायल किया जाएगा और उन्हें फायर कंट्रोल के बारे में बताया जाएगा जिसके बाद आग लगने वाले क्षेत्रों में फारेस्ट टीम के साथ भेजा जाएगा| एनडीआरएफ के अधिकारी का कहना है कि पहाड़ों में बढ़ती आग की घटनाओं को देखते हुए एनडीआरएफ की टीम को भेजा गया है जो फारेस्ट टीम के साथ ऑपरेशन फायर में भाग लेगी ।

     कोको रोशे (डीएफओ)

  राहुल प्रताप सिंह (इंस्पेक्टर,एनडीआरएफ टीम)

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