चुनाव नजदीक आते ही हरीश रावत का युवाओं के लिए जुमला, सीएम रहते आखिर क्यों याद नहीं आए बेरोजगारः नवीन पिरशाली

Share Now

देहरादून। आज आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता नवीन पिरशाली ने प्रदेश कार्यालय में प्रेसवार्ता कर पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा दिए बयान पर तीखा वार किया है। उन्होंने कहा कि, कल तक आप पार्टी को कोसने और भला बुरा कहने वाले नेता ही अब आप पार्टी की नीतियों को अपनाने के लिए मजबूर हो गए हैं। उन्होंने कहा कि, आप पार्टी द्वारा काम की राजनीति करना अब विपक्षी दलों की मजबूरी बनता जा रहा है। आज कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दल आप पार्टी की नकल करने को मजबूर हो गए हैं। आप पार्टी द्वारा की जा रही घोषणाओं की दोनों ही पार्टी नकल कर रही हैं। चाहे मुफ्त बिजली हो,रोजगार गारंटी हो,या उत्तराखंड को आध्यात्मिक राजधानी बनाने की बात हो। आप पार्टी के पदचिन्हों पर चलकर लोक लुभावन वादे करना, कांग्रेस बीजेपी दोनों की  बौखलाहट और हताशा को दिखा रहा है।
उन्होंने कहा कि, चुनाव नजदीक आते ही पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत को युवाओं की याद आने लगी है। रावत कह रहे हैं कि, प्रदेश में उनकी सरकार बनी तो वो रोजगार समेत कई मुद्दों पर काम करेंगे जबकि हकीकत ये है कि  अपने शासन काल में  वो इन्हीं मुद्दों पर काम करने का जज्बा नहीं दिखा पाए।  उन्होंने हरीश रावत पर निशाना साधते हुए कहा कि, जब हरीश रावत प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, आखिर तब क्यों हरीश रावत को बेरोजगारों की याद नहीं आई। हरीश रावत अपनी सरकार रहते ,बेरोजगार युवाओं को बेरोजगारी भत्ता नहीं दे सके ,और अब वो सार्वजनिक मंचों से बेरोजगारी भत्ता देने का वादा कर रहे हैं। हरीश रावत सिर्फ राजनीति करने और जुमलेबाजी करने में माहिर हैं ,और अब वो युवाओं को रोजगार देने और भत्ता देने के नाम पर सिर्फ राजनीति और युवाओं के साथ छलावा  कर रहे हैं। उन्होंने कहा,सीएम रहते हरीश रावत ने जनहित में कोई कदम नहीं उठाया। उनके मुख्यमंत्री काल में रिक्त पदों पर भर्ती नहीं की गई, लेकिन अब सार्वजनिक मंचों पर उनकी घोषणा महज जनता को बरगलाने की कोशिश मात्र है। उन्होंने कहा,हरीश रावत जब मुख्यमंत्री थे, जब उनके पास उत्तराखंड के हित में अच्छे निर्णय लेने का वक्त था, तब इनके दिमाग में 24 घंटे डेनिस, खनन, कमीशन, भ्रष्टाचार और टॉप अप चलता रहा और अब जब पांच साल सत्ता से बाहर हैं और चुनाव नजदीक आ गया है तो हरीश रावत को रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे मुद्दों की याद आ रही है। ये हरीश रावत के दोहरे चरित्र का जीता जागता प्रमाण है।
इस दौरान नवीन पिरशाली ने ,रोजगार देने के मामले पर हरीश रावत से सवाल भी पूछते हुए कहा,हरीश रावत ने मुख्यमंत्री रहते हुए अपने सिर्फ करीबियों और उनके बच्चों पर मेहरबानी की , जिसमें उनके अपनों से लेकर कई मंत्री शामिल थे। लेकिन उन्हें आखिर क्यों तब बेरोजगार युवाओं की याद नहीं आई। अपने लोगों और मंत्रियों के करीबियों को रोजगार के अवसर तो लगातार दिए, लेकिन स्थानीय युवाओं को रोजगार के नाम पर सिर्फ ठगा गया। इसके अलावा हरीश रावत ने अपनी सरकार में रहते हुए रोजगार की मांग कर रहे बेरोजगारों पर जमकर लाठी चार्ज भी करवाया, जिसका नतीजा उन्हें विधानसभा चुनावों में हार का सामना  कर भुगतना पडा और आगे भी उनका झूठ उनके सामने जरुर आएगा। उन्होंने आगे कहा कि, आप पार्टी ने प्रदेश में सरकार बनने पर 300 यूनिट बिजली मुफ्त देने का वादा किया है, और हरीश रावत ने भी देखा देखी अपनी सरकार आने पर 200 यूनिट बिजली मुफ्त देने की बात कही। आप पार्टी ये मांग करती है कि, पहले कांग्रेस पार्टी  उन प्रदेशों में बिजली मुफ्त दें, जहां कांग्रेस की सरकार सत्तासीन हैं,उत्तराखंड के बार में में वो बाद में विचार करे।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!