वोट नहीं दिया तो – श्रीनगर मेडिकल कॉलेज से चार आउट सोर्स कर्मियों की छुट्टी

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मेडिकल कॉलेज ने चार कर्मियों को नोकरी से निकाला ,कर्मियों में आक्रोश

श्रीनगर मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने कॉलेज में कार्यरत चार आउटसोर्स कर्मियों को काम से हटा दिया है. जिससे कर्मियों में मेडिकल कॉलेज प्रशासन के खिलाफ आक्रोश है. कर्मियों का आरोप है कि उन्हें राजनीतिक कारणों से हटाया है. उन्होंने मेडिकल कॉलेज प्रशासन से उन्हें फिर से बहाल करने की मांग की हैं.

मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य सीएमएस रावत ने कहा कि चारों को आउटसोर्स कंपनियों को वापस भेजा गया है. कॉलेज में आवश्यकता अनुसार आउटसोर्स कर्मियों को बुलाया जाता है. सेवा न होने पर उन्हें कंपनी को वापस भेज दिया जाता है.श्रीनगर मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स में कार्यरत यसिस रावत (एक्सरे तकनीशियन), जसपाल (वार्ड बॉय), रेशमा (वार्ड अटेंडेंट), हिमा (वार्ड अटेंडेंट) के पदों पर कार्य करते थे, वही उन दोनों का कहना है कि सरकार एक तरफ कहती है बेटी बचाओ बेटी को पढ़ाओ और एक तरफ बेटियों से इस तरह का व्यवहार किया जा रहा है । उन्होंने उत्तराखंड सरकार से पूछा है कि हमारा ऐसा क्या कसूर है जो है हमें बिना नोटिस जारी निकाल दिया गया है ।

इन्हें आउटसोर्स कंपनी के जरिये मेडिकल कॉलेज में कार्य करने के लिए रखा गया था. लेकिन जैसे ही यह सभी अपने-अपने कार्यस्थल पहुंचे, इन्हें बताया गया कि उन सभी को उनके कार्य से हटा दिया गया है. अब चारों कर्मी अधिकारियों के चक्कर काटने के लिए मजबूर हो गए हैं.एक्सरे तकनीशियन यसिस रावत ने बताया कि वह पिछले दो साल से मेडिकल कॉलेज में कार्य कर रहे हैं. कोरोना मे भी उन्होंने अपनी सेवाएं मेडिकल कॉलेज प्रशासन को दी. लेकिन उन्हें बिना नोटिस के ही नौकरी से निकाल दिया गया है. जिससे उन्हें मानसिक आघात पहुंचा है. वहीं वार्ड बॉय के पद पर कार्य कर रहे जसपाल ने बताया कि उन्हें राजनीतिक द्वेष के कारण हटाया गया है. वह पिछले दो साल से मेडिकल कॉलेज में सेवा दे रहे हैं.

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