उत्तरकाशी: हट कट बैठे नौटियाल एक दिन मोदी से यह बोले – साथ का कोश्यारी बन गया राज्यपाल मुझे विधायक तो बनाओ

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उत्तरकाशी: बीजेपी के गठन से पहले जनसंघ से सदस्य रहे उत्तरकाशी गंगोत्री विधान सभा के बीजेपी नेता सूरत राम नौटियाल एक बार फिर विधान सभा चुनाव 2022 को लेकर टिकट की दावेदारी कर रहे है | इससे पूर्व पिछले विधान सभा चुनाव मे टिकट नहीं मिलने से नाराज सूरत राम नौटियाल ने बागी होकर निर्दलीय चुनाव लड़ा और करीब दस हजार मत प्राप्त किये।


अपने दर्जनों समर्थकों के साथ बीजेपी पार्टी को छोड़ने वाले सूरत राम ने विधान सभा चुनाव 2022 से पहले पार्टी मे फिर वापसी की और अब टिकट के प्रबल दावेदार है .।गौर करने वाली बात ये है कि वर्ष 2017 मे बागी सूरत राम नौटियाल को समर्थन देकर पार्टी छोड़ने वाले ज्यादातर नेता कुछ ही दिनों के बाद पार्टी मे वापस आ गए थे और इस बार विधान सभा चुनाव 2022 के लिए सभी अपने अपने लिए टिकट की दावेदारी कर रहे है और बुजुर्ग नेता से आशीर्वाद की उम्मीद कर रहे है ।


वर्ष 1948 मे टकनौर पट्टी में जन्मे सूरत राम 1969 मे जनसंघ से जुड़े और 1971 मे जनसंघ के जिला संगठन मंत्री बने । वर्ष 1982 मे प्रधान और 1983 मे जिला पंचायत सदस्य बने वर्ष 1984 मे महामहिम द्वारा आकाशवाणी नजीबाबाद मे कृषि ग्रामीण सलाहकार नियुक्त हुए । वर्ष 1990 मे राम जन्म भूमि के लिए 22 दिनों जेल मे रहे इस तरह जन समस्याओ के लिए 17 बार जेल की यात्रा की वर्ष 1991 मे जिला परिषद के सदस्य और वर्ष 1998 से 2001 तक उत्तरकाशी दुग्ध संघ के अध्यक्ष रहे । वर्ष 2008 मे उत्तराखंड सरकार मे चार धाम विकास परिषद के उपाध्यक्ष नामित हुए
ओबीसी आंदोलन के लिए 10 महीने तक जिला सभागार मे धरना दिया । 2015 मे बाजगी समुदाय को राज्य आंदोलनकारी घोषित करने के लिए आंदोलन चलाया । वर्ष 2016 मे उत्तरकाशी को धर्म नगरी घोषित करवाने के लिए विशाल जनआन्दोलन किया।
जानकारों की माने तो पिछले विधानसभा चुनाव मे अपनी उम्र को देखते हुए मतदान के साथ लकड़ी देने की बात करने वाले सूरत राम नौटियाल सब्र रख लेते और पार्टी छोड़कर नहीं जाते तो इस बार उनका टिकट खुद चलकर उनके पास आना तय था. इसके बाद भी दर्जन भर दावेदारों को एक बार फिर से अपने पक्ष मे एकमत करने का दावा करने वाले सूरत राम से हमने बात चीत की

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