बस स्टैंड और खुले आसमान के नीचे ठिठुरते हुए रात बिताने की मजबूरी

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फर्रुखाबाद – सर्द हवाएं ठिठुरन को और अधिक बढ़ा रही हैं, लेकिन जिले में कहीं भी राहगीरों या गरीबों के रुकने के लिए कोई रैन बसेरा नहीं है। ऐसे में गरीब, बेसहारा लोगों को बस स्टैंड या खुले आसमान के नीचे ठिठुरते हुए रात बितानी पड़ रहा है। शासन ने सर्दी के चलते निकायों को रैन बसेरा खोलने के फरमान जारी किए हैैं। शासन के आदेश पर नगरपालिका परिषद ने पिछले साल रोडवेज बस स्टेशन की दो दुकानों में महिला व पुरुषों के लिए रैन बसेरा शुरू करा दिया था। इस साल अभी तक रैन बसेरा शुरू नहीं किया गया है। यात्री ठंड में फर्श पर सो रहे हैं।

रघुवंश दूबे

दिनों दिन सर्दी बढ़ रही है।  ठंड और बर्फीली हवाओं के बीच कुछ खुले आसमान तले तो कुछ फर्श पर सोने को मजबूर है। हर साल सर्दियों में नगरपरिषद की ओर से शहर में संचालित किए जाने वाले रेन बसेरे इस बार अभी तक शुरू नहीं किए गए है।नगर में रैन बसेरा नहीं होने के कारण गरीब, बेसहारा लोगों को रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित अन्य स्थानों पर खुले में ठिठुरते हुए रात बितानी पड़ रही है। दूर-दराज से आने वाले गरीब कई बार रात हो जाने से साधन के अभाव में वापस अपने घर नहीं लौट पाते। ऐसे में उनके सामने रुकने की समस्या खड़ी हो जाती है। क्योंकि उनके पास इतना पैसा नहीं होता कि वह होटल या लॉज का खर्च वहन कर सकें। कड़ाके की ठंड में खुले में रात बिताने वालों को आसामाजिक तत्वों व चौर-उचक्कों का डर भी बना रहता है। देर रात रोडवेज बस स्टेशन पर रैनबसेरा बंद पड़ा था। यात्री फर्श पर ही लेटे थे। रोडवेज बस स्टेशन पर यात्री व शहर में अन्य स्थानों पर रिक्शा चालक व अन्य लोग कूड़ा जलाकर आग से तापते दिखाई दिए। पालिका व राजस्व विभाग की ओर से अभी अलाव की व्यवस्था नहीं की गई है।

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